बता दें कि प्रधान जेडी रंजन और उनके साले मिथिलेश सोमवार को पंचायत भवन में मौजूद थे। पंचायत भवन में लगाने के लिए टाइल्स आया था जो खड़ंजा पर एक किनारे रखा हुआ था। इसी बात को लेकर उनका पट्टीदार उलझ गया और फिर दो लोग उसके समर्थन में आ गए। आरोप है कि प्रधान की तीन लोगों ने लाठी डंडे से पिटाई करनी शुरू कर दी।
बीच-बचाव करने पर साले को भी उन लोगों ने पीट दिया। शोर सुनकर जब प्रधान का बेटा भी वहां पहुंचा तो मनबढ़ों ने उसे भी पीट दिया। गांव के लोगों ने मामले को शांत कराया और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां पर मिथिलेश और प्रधान की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान प्रधान जेडी की मौत हो गई।