उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाने के पतिला गांव निवासी 30 वर्षीय महिला की हत्या के आरोप में उसके पति शंकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या और शव छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मायके वालों का आरोप है कि दो लाख रुपये खातिर सुभावती को मौत के घाट उतार दिया गया।
ये है मामला
पतिला गांव में 30 वर्षीय लापता महिला की हत्या कर शव फेंकने का आरोप पति पर लगा था। महिला के भाई राम जियावन द्वारा थाने में दी गई सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई। आरोपी के ताऊ (बड़े पिता) और चचेरे भाई से पूछताछ की गई तो ताऊ ने भतीजे द्वारा पत्नी की हत्या कर शव कुआनो में फेंकने की बात कही। इसके बाद पुलिस गटरा पुल पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने गोताखोरों की मदद से मंगलवार को महिला का शव वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के बक्सईघाट के साहेबगंज गांव के पास कुआनो नदी से कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी के ताऊ ने बताया था कि रविवार को हत्या को अंजाम दिया गया। रविवार देर रात करीब दो बजे शव को बोरे में भरकर बाइक से गौर थाना क्षेत्र के कुआनो नदी पर बने गटरा पुल के नीचे फेंककर भतीजा फरार हो गया। जानकारी मिलने के बाद कप्तानगंज थाने की टीम तत्काल गटरा पुल पहुंच गई। गौर थाना प्रभारी पंकज कुमार गुप्ता की मदद से गोताखोरों को बुलाया गया और की तलाश शुरू करा दी गई।
एसओ हरेकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2009 में पैकोलिया थाना क्षेत्र के पोतनहरी गांव की सुभावती की शादी कप्तानगंज थाने के पतिला निवासी शंकर पुत्र झिनऊ के साथ हुई थी। शंकर के माता-पिता का निधन हो चुका है। बड़े पिता राम कुमार, बड़ी माता प्रेम शीला व चचेरे भाई के साथ दोनों रहते थे। संतान न पैदा होने के कारण शंकर पत्नी से रिश्ता तोड़ देना चाहता था। इसे लेकर कई बार पंचायत हो चुकी है। भाई का आरोप है कि इसी वजह से उसकी बहन को मार डाला गया।