उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है। यहां कोरोना संक्रमण काल में महिला संबंधी अपराध की घटनाओं पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है। बीते डेढ़ महीने के अंदर जिले में छह दुष्कर्म की घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि छेड़छाड़ और किशोरियों के भागने के भी सात मामले सामने आ चुके हैं।
दो अप्रैल को धनघटा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 वर्षीय मंद बुद्धी किशोरी के साथ आरोपी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। जबकि उसी दिन धनघटा क्षेत्र के ही एक गांव की दस वर्षीय किशोरी के साथ भी दुष्कर्म की कोशिश की गई थी।
21 अप्रैल को धनघटा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 20 वर्षीय किशोरी घर पर सोई थी। उसी दौरान आरोपी उसके घर पहुंच कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। 23 अप्रैल को बखिरा क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी का दोनों हाथ बांध कर आरोपी ने छेड़खानी की थी।
14 मई की रात धनघटा क्षेत्र के एक गांव में बरामदे में सोई 16 वर्षीय किशोरी के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया। 15 मई को मुंबई की रहने वाली युवती ने बखिरा क्षेत्र के रहने वाले प्रेमी के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था।
23 मई की देर शाम महुली क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी गांव के सीवान में पुलिया की ओर गई थी। उसी दौरान बाइक सवार दो युवक पहुंच गए। युवक जबरियां किशोरी को बाइक पर बैठा कर एक पोल्टी फार्म पर ले गए, जहां चार युवकों ने बारी-बारी से किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
25 मई को कोतवाली क्षेत्र में एक किशोरी को सोते समय युवक जबरियां उठा ले गया और खाली मकान में उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित मां ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच छेड़खानी और किशोरियों को बहला फुसला कर भगाने के भी सात मामले घटित हो चुके है।
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि दुष्कर्म की जो भी घटनाएं घटी हैं, उसमें आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। महुली क्षेत्र की सामूहिक दुष्कर्म की घटना में दो आरोपी पकड़ लिए गए है। जिन मामलों के आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए हैं, उन्हें जल्द ही पुलिस पकड़ लेगी। वैसे महिला संबंधी अपराधों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है।