मनीष गुप्ता की हत्या के आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिसकर्मियों की तलाश में गुरुवार दोपहर शहर से छह टीमें रवाना की गईं। हर टीम की कमान एक-एक इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। इन टीमों ने देर रात तक छह अलग-अलग जिलों में दबिश दी। आरोपियों के परिचितों और परिजनों से पूछताछ की। कुछ लोगों को उठाया भी है। पुलिस कमिश्नर ने टीमों को 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
उधर, गोरखपुर के दो अफसरों के नेतृत्व में बनी छह अलग टीमों ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। एसपी क्राइम टीमों को लीड कर रहे हैं। सीओ कैंपियरगंज उनके सहयोग में हैं। खबर है कि एक टीम बलिया, गाजीपुर की तरफ तो दूसरी टीम लखनऊ में मौजूद है।
हत्याकांड में इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय कुमार मिश्रा, दरोगा विजय कुमार यादव के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज है। तीन अज्ञात में पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया था। एसआईटी ने अज्ञात आरोपियों के नाम भी केस में जोड़ दिए हैं। इनमें दरोगा राहुल दुबे, कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटा लिए हैं। लिहाजा पुलिस कमिश्नर ने गिरफ्तारी के आदेश दिए। इसके लिए गठित टीमें गोरखपुर, मऊ, बलिया, गाजीपुर, अमेठी और लखनऊ में दबिश दे रही हैं। प्रत्येक टीम में एक इंस्पेक्टर और चार सिपाही हैं। स्थानीय पुलिस से भी मदद ली जा रही है। एसटीएफ अपने स्तर से आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एनबीडब्ल्यू लेगी एसआईटी
फरार आरोपियों के खिलाफ अब एसआईटी एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) जारी कराएगी। शुक्रवार को इस संबंध में कोर्ट में एसआईटी अर्जी देगी। पुलिस अफसरों को जानकारी मिली है कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में हैं। कई वकीलों से संपर्क किया है।