आरोपी छह पुलिसकर्मी व मनीष गुप्ता की फाइल फोटो।
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कानपुर के कारोबारी मनीष की हत्या में आरोपित छह पुलिसवालों की बृहस्पतिवार को किसी भी कोर्ट में पेशी नहीं हुई। माना जा रहा है कि अब लखनऊ सीबीआई कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी मगर जेल प्रशासन से इसके लिए संपर्क ही नहीं किया गया। उधर, पेशी की समय सीमा समाप्त होने के बाद गोरखपुर जेल प्रशासन ने गोरखपुर न्यायालय को पत्र लिखकर इसकी जानकरी दी और अपने लिए आगे की गाइड लाइन मांगी है।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की होटल कृष्णा पैलेस में पुलिस वालों की पिटाई से मौत हो गई थी। इस केस की जांच पहले एसआईटी कानपुर और बाद में सीबीआई को मिली। सीबीआई ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, विजय यादव, राहुल दुबे और हेड कांस्टेबल कमलेश तथा कांस्टेबल प्रशांत को हत्या के लिए दोषी मनाते हुए उनके खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। सीबीआई ने अपना आरोपपत्र लखनऊ सीबीआई कोर्ट में सात जनवरी को दाखिल किया है।
गोरखपुर सीजेएम कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद 13 जनवरी को पेशी के लिए अगली तारीख दी गई थी। गोरखपुर जेल प्रशासन को बताया गया था कि अब अगली पेशी सीबीआई कोर्ट लखनऊ में होगी। लेकिन, बुधवार की शाम तक जेल प्रशासन के पास इन आरोपियों के जेल ट्रांसफर या फिर सीबीआई के रिमांड पर लेकर जाने की कोई चिट्ठी नहीं आई थी।
बृहस्पतिवार की दोपहर बाद भी जब पुलिसवालों की किसी भी कोर्ट में पेशी नहीं हुई तब जेल प्रशासन ने गोरखपुर न्यायालय को पत्र लिखकर आरोपी पुलिसवालों की पेशी न होने की जानकारी देने के साथ ही आगे के लिए गाइड लाइन मांगी है।