मनीष गुप्ता हत्याकांड के फरार आरोपी।
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कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या में नामजद दरोगा राहुल दुबे, विजय यादव, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव व कांस्टेबल प्रशांत कुमार न्यायालय में सरेंडर का प्रयास कर सकते हैं। इस लिहाज से आज कचहरी के आसपास पुलिस का सख्त पहरा है। पुलिस सरेंडर से पहले ही आरोपियों को दबोचने की फिराक में है। पुलिस की टीमें भी इसी आशंका के मद्देनजर न्यायालय में सरेंडर की अर्जी डाले जाने की पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मनीष गुप्ता हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी निलंबित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा रविवार शाम पकड़े गए हैं। ये दोनों भी अदालत में सरेंडर करने की फिराक में थे। इसी बीच पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया और दोनों को दबोच लिया। पुलिस को जानकारी मिली है कि मामले के बाकी आरोपी भी अदालत में सरेंडर करने की कोशिश करने वाले हैं। पुलिस भी इस तैयारी में है कि इन्हें अदालत पहुंचने से पहले ही दबोच लिया जाए। बता दें कि अमर उजाला ने अपने रविवार के अंक में प्रकाशित किया था कि मनीष हत्याकांड के आरोपी अदालत में सरेंडर कर सकते हैं।
150 पुलिसकर्मी हत्यारोपियों की तलाश में जुटे
इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज की गिरफ्तारी के बाद चार और पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी बाकी है। कानपुर पुलिस की छह टीमों के अलावा पुलिस मुख्यालय से दस टीमें लगाई गई हैं। कुल डेढ़ सौ पुलिसकर्मी चार हत्यारोपी पुलिसकर्मियों की तलाश जुटे हैं। ये सभी एक दर्जन जिलों में दबिश दे रहे हैं। सैकड़ों ठिकानों पर दबिश जारी है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार यानी आज इन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
होटल कर्मी आदर्श से हत्यारोपियों का आमना-सामना
घटना वाली रात पुलिस कर्मियों के साथ मनीष गुप्ता के कमरे में गए होटल कर्मी आदर्श को भी देर रात रामगढ़ताल थाने बुलाया गया। एसआईटी होटल कर्मी आदर्श व आरोपी पुलिसकर्मियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। एसआईटी एक दूसरे के बयानों का परीक्षण कर रही है। एसआईटी प्रभारी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि अभी दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जांच के संबंध में अभी कुछ कहना जल्दी होगी। सभी पक्षों के बयान लेने के बाद पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। तब तक बाकी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच को जारी रखा जाएगा।
गंभीर चोट के निशान का कारण जानना चाह रही एसआईटी
मनीष हत्याकांड में अभी तक एसआईटी मनीष के दोस्तों और होटल स्टाफ के बयान को दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों से भी सिलसिलेवार घटना की जानकारी ली जा रही है। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि मनीष के शरीर पर मिले चोट के निशान काफी गंभीर हैं, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी है। इन चोटों के लगने के कारणों की जानकारी हासिल की जा रही है। खास बात यह है कि आखिर किस सूचना पर होटल के उसी कमरे में पुलिस वाले गए थे, जिसमें मनीष और उनके दोस्त रुके थे।