मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
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गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता प्रकरण में हत्यारोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह एंड कंपनी ने उस रात अपने बचाव में जो पेशबंदी की थी, अब वही उनके खिलाफ सुबूत बनेगी। इनमें एक प्रार्थनापत्र भी है। घटना वाले दिन होटल के कमरे में मौजूद स्टाफ आदर्श पांडेय से यह प्रार्थनापत्र लिखवाया गया था।
इसमें लिखा है कि मनीष नशे में था और खुद गिरने से उसकी मौत हो गई। इस पत्र को जगत नारायण सिंह ने खुद मार्क भी किया था। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक प्रार्थना पत्र में लिखा है- मैं, सुभाष शुक्ला के होटल कृष्णा पैलेस में कार्यरत हूं। 27 सितंबर की रात में ड्यूटी कर रहा था कि रात में 12 बजे पुलिस चेक करने के लिए कमरा नंबर 512 में आ गई और कमरे में सोने वाले सभी लोगों को उठाया। पुलिस वाले जानकारी ले रहे थे।
जैसे- आप कहां से आए हैं, क्या करते हैं आदि। इतने में मनीष गुप्ता सोकर अचानक उठे और खड़े होकर आधार कार्ड दिखाने बढ़े। तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वह मुंह के बल फर्श पर गिर पड़े। मैं और होटल का स्टाफ उसे अस्पताल ले गए।
दरअसल, घटना वाली रात का सीसीटीवी रिकार्ड एसआईटी अपने साथ ले गई है। फुटेज में साफ है कि होटल स्टाफ के साथ आरोपी पुलिस कर्मी ही मनीष को लेकर नीचे उतरे थे। इस पत्र को 28 सिंतबर को नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के लिए जांच अधिकारी को प्रेषित किया गया था।