कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में पुलिस की पिटाई से कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता (36 ) की मौत के मामले में दर्ज केस की विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। क्राइम ब्रांच को ही आरोपित निलंबित इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा और दरोगा विजय यादव की गिरफ्तारी में भी लगाया गया है। विवेचना की निगरानी एसपी क्राइम को दी गई है। फरार आरोपित पुलिस वालों की तलाश में दबिश दी जा रही है। खबर है कि निलंबित होने के बाद से ही पुलिसकर्मी मोबाइल बंद करके लापता हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के रियल इस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता सोमवार को तारामंडल रोड स्थित होटल कृष्णा पैलेस में गुरुग्राम के दो दोस्तों हरवीर सिंह व प्रदीप कुमार के साथ ठहरे थे। रात में 12 बजे के बाद रामगढ़ताल इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव व अन्य पुलिस वाले जांच करने पहुंचे। इस दौरान विवाद हुआ और पुलिस ने तीनों दोस्तों की पिटाई कर दी। आरोप है कि पिटाई से कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत हो गई। इस घटना के बाद गोरखपुर आईं मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कानूनी कार्रवाई और निलंबन की मांग रखी। मामला बढ़ा तो पुलिस ने इंस्पेक्टर सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही मीनाक्षी की तहरीर पर मंगलवार देर रात इंस्पेक्टर सहित आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पत्नी मानीं और कारोबारी का शव लेकर कानपुर चली गईं।
होटल कृष्णा पैलेस की सीसीटीवी फुटेज जब्त
कारोबारी की हत्या की जांच गोरखपुर पुलिस ने शुरू कर दी है। होटल कृष्णा पैलेस से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली गई है। होटल में प्रवेश करने, लिफ्ट, बरामदे की अलग-अलग फुटेज देखी जा रही है। जल्द ही रामगढ़ताल थाना, मानसी अस्पताल व बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच भी की जाएगी। पुलिस पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना सोमवार की रात कितने बजे हुई? फिर क्या-क्या हुआ? कारोबारी को पुलिस लेकर कहां-कहां गई?