पुलिस के गिरफ्त में रामदरश विद्यार्थी।
- फोटो : अमर उजाला
नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपित व जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन, सपा नेता रामदरश विद्यार्थी को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित रामदरश को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़िता की ओर से कोर्ट में दिए गए बयान के आधार पर की है। उधर, गिरफ्तारी के बाद भाजपा, सपा के कई नेता आरोपित के समर्थन में आ गए और रामदरस को निर्दोष बताते हुए छोड़ने की सिफारिश भी की।
जानकारी के मुताबिक, 17 दिसंबर 2019 को एक नाबालिग ने कैंट थाने में रामानंद यादव, राममनोज और सुशीला देवी पर अपहरण कर दुष्कर्म के आरोप और एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया था। एससीएसटी एक्ट की धारा लगने की वजह से घटना की विवेचना सीओ गोला को सौंपी गई थी। सीओ गोला जांच कर रहे थे। इसी बीच कोर्ट में किशोरी का बयान दर्ज कराया गया तो उसने रामदरश विद्यार्थी का भी नाम लिया था।
उसके बाद पुलिस ने रामदरश विद्यार्थी को भी आरोपित बना लिया। सीओ ने चारों आरोपितों की गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया। पुलिस ने सभी जगहों पर दबिश दी, लेकिन कोई अन्य आरोपित नहीं मिला। पुलिस ने घर से रामदरश विद्यार्थी को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा कैंट में दर्ज होने की वजह से रामदरस को कैंट थाने भेजा गया, फिर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।