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जेल पहुंचा PM मोदी को चुनौती देने वाला सराफ, नोटबंदी के दौरान मनमानी की बात आई थी सामने

Sun, 15 Mar 2020 05:28 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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बाएं पीएम मोदी, दाएं शरद चंद्र अग्रहरी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने वाले सर्राफा व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरि को सोना तस्करी के आरोप में डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआइ) की टीम ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ लखनऊ में केस दर्ज किया गया है। डीआरआई के सूत्रों के मुताबिक शरद को शनिवार को ही कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं गिरफ्तार अग्रहरि ने नोटबंदी के समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दिया था। उसने कालाधन खपाने की बात कही थी।
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शहर में मौजूद डीआरआई और कस्टम की लखनऊ-गोरखपुर की टीम ने तारामंडल इलाके में रहने वाले एक युवक से भी पूछताछ की है। खबर है कि युवक पर सोने की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है। इस मामले में डीआरआई का कहना हैं कि जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, डीआरआई लखनऊ व गोरखपुर जोन की टीम ने 6 मार्च को बाराबंकी और नेपाल बॉर्डर से पांच युवकों को नेपाल से तस्करी कर लाए गए सात किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया था। सोने को गोरखपुर से कानपुर भेजी जा रही थी। डीआरआई के मुताबिक गिरफ्तार किए गए युवकों से पूछताछ में पता चला कि सर्राफा मंडल गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष व बजरंग बुलियन के प्रोपराइटर शरद चंद अग्रहरी ने सोने की खेप उन्हें कानपुर पहुंचाने के लिए दी थी। इसी आधार पर सात मार्च को तड़के गोरखपुर पहुंची डीआरआइ की टीम ने शरद चंद अग्रहरी के राजघाट क्षेत्र में शेखपुर मोहल्ले में स्थित आवास और घंटाघर स्थित दो दुकानों पर छापेमारी की।

इस दौरान उनके घर और आवास से 200 किग्रा से अधिक चांदी बरामद की गई। उनके घर और दुकानों से टीम ने कई महत्वपूर्ण अभिलेख कब्जे में लिया था। शरद चंद को हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद दूसरे दिन उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि सोना और चांदी जब्त कर लिया गया था।

गत शुक्रवार की शाम को डीआरआई की टीम ने दोबारा गोरखपुर पहुंचकर शरद चंद अग्रहरी की दोनों दुकानों पर तीन घंटे से अधिक पूछताछ के फिर छानबीन में जुट गई। पूछताछ में तारामंडल इलाके में रहने वाले एक युवक के भी सोने की तस्करी में लिप्त नेटवर्क से जुड़े होने का पता चला है। शनिवार को सुबह डीआरआइ की टीम ने युवक के घर पहुंचकर उससे भी काफी देर तक पूछताछ की।
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स्टॉक में भी गड़बड़ी मिली

बताते हैं कि इसके बाद सुबह 10 बजे के आसपास टीम एक बार फिर शरद चंद्र अग्रहरी के घर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिन भर कई अन्य जगहों पर छानबीन करने के बाद टीम उन्हें साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई। शनिवार सुबह से ही उनके दोनों दुकानों बजरंग बुलियन और अनुराधा ज्वैलर्स पर ताला लटका हुआ है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुकानों को डीआरआई ने सील किया है या फिर हिरासत में लिए जाने की वजह से खुद नहीं घर वालों ने खोला है। इस मामले में पहले ही पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

डीआरआई की टीम को शरद के दुकानों से सोने और चांदी के स्टॉक में भी गड़बड़ी मिली है। सूत्रों के मुताबिक डीआरआई ने जो सात किलोग्राम सोना और 200 किलोग्राम चांदी बरामद की थीए उसे शरद ने अपना मानने से इनकार कर दिया था।  इसके बाद ही स्टॉक की जांच की गई। इसमें गड़बड़ी मिलने के बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पहले भी पड़ चुका है छापा
गड़बड़ी की आशंका में ही डीआरआई एक बार पहले भी बजरंग बुलियन के प्रोपराइटर के घर, प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। तब एक पूर्वांचल के एक माफिया डॉन का नाम सामने आया था।
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