गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल में बुधवार की दोपहर रोडवेज के बर्खास्त चालक संदीप कुमार की लाश मिली। होटल के कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर उन्हें शक हुआ। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़वाया। बेड पर पड़े शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खबर है कि कमरे से जहर की पुड़िया मिली है। जिस वजह से आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने जहर निगलकर खुदकुशी की है।
जानकारी के मुताबिक, मऊ जिले के जमीनसियाह निवासी 35 वर्षीय संदीप कुमार महराजगंज डिपो में चालक के पद पर तैनात थे। वह शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर में किराए के मकान में पांच साल से रहते थे। मंगलवार को रोडवेज के आरएम से मिलने के लिए आए थे। उनसे मुलाकात न होने पर रात के 9:30 बजे रेलवे स्टेशन स्थित एक होटल के कमरा नंबर 34 में रुक गए। बुधवार की सुबह होटल के कर्मचारी किसी काम से पहुंचे तो खटखटाने के बावजूद कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दोपहर 1:30 बजे कर्मचारी ने होटल मैनेजर को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मैनेजर होटल पहुंचा और पुलिस को इसकी जानकारी दी।
मऊ से गोरखपुर आई पत्नी ने विवाद से इंकार किया
संदीप कुमार की मौत की खबर मिलने पर पत्नी अनुपमा मऊ से गोरखपुर आ गईं। पत्नी ने पुलिस को बताया कि किसी से कोई विवाद नहीं था। पिछले साल अपने भाई की शादी में घर आए थे। इसके बाद ड्यूटी पर जाने की बात कह गोरखपुर चले आए। संदीप के दो बच्चे हैं, 12 साल की पलक और 8 साल की अंशू।
इंस्पेक्टर कैंट सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला खुदकुशी का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज आरएम पीके तिवारी करीब दो साल तक लगातार ड्यूटी पर ना आने पर कार्रवाई की गई थी। मंगलवार को उनके साथ कोई मुलाकात नहीं हुई थी।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा मंत्री अजय कुमार ने कहा कि रोडवेज चालक की मौत से कर्मचारियों में आक्रोश है। मृत कर्मचारी को इंसाफ दिलाने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।