पुलिस के अनुसार, जिले में 300 नए गुंडे ही नहीं, बल्कि 68 नए गैंग भी चिह्नित किए गए हैं। उम्र के 40 साल पार कर चुके लोग अपराध में पकड़े जा रहे हैं। तेजी से बढ़े नए अपराधियों को देखते हुए डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने नए गैंग को चिह्नित करने का काम शुरू करा दिया है।
छोटे अपराध को छोड़ दें तो बड़े अपराध में अधिकतर नए लोगों के नाम सामने आए हैं। इसमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो लॉकडाउन से पहले कहीं पर रहकर नौकरी आदि करते थे। कोरोना काल में नौकरी और काम छूटने पर घर-गांव लौटे तो पहले रोजगार की तलाश की, नहीं मिला तो अपराध की ओर कदम बढ़ा दिए।
वहीं, कई लोग वाहन चोरी के मामले में भी जेल भेजे गए हैं, जिनका पहले अपराध से कोई नाता नहीं है। पुलिस भी मानती है कि बेरोजगारी की वजह से ऐसे लोगों ने अपराध का रास्ता पकड़ लिया है।
जेल भेजे गए कई बदमाश ऐसे हैं जो घर लौटने के बाद ऑटो चलाने का काम किए तो कइयों ने ठेला भी लगाया, मगर रात में अपराध में संलिप्त हो गए। गगहा में हुई ईंट-भट्ठे पर लूटपाट में भी जीजा-साले को पुलिस ने पकड़ा था। वह दिन में ऑटो चलाते थे और रात में वारदात को अंजाम देते थे।