हत्या और खुदकुशी को उकसाने के आरोपों में जेल में बंद निलंबित पुलिस वालों को घर की याद सताने लगी है। सबने जेल प्रशासन को अपने घर का नंबर उपलब्ध कराया है, ताकि उनसे बातचीत कर सके। जेल प्रशासन की ओर से नंबरों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद बातचीत करने की अनुमति दे दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत के मामले में हत्यारोपी बनाए गए इंस्पेक्टर रहे जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा समेत छह पुलिस वाले नेहरू बैरक में बंद हैं। इसी बीच कोतवाली इलाके में मौत का शिकार महिला अस्पताल की संविदा कर्मचारी शहाना के मामले में निलंबित दरोगा राजेंद्र सिंह जेल में बंद हैं।
जेएन सिंह और उनके साथी आरोपियों से मिलने के लिए उनके अपने पहुंचे थे, लेकिन अभी तक राजेंद्र सिंह से मिलने कोई नहीं पहुंचा है। घरवालों से बात करने और संपर्क करने के लिए आरोपी पुलिस वाले परेशान हैं और अब अपने घर का मोबाइल नंबर देकर सत्यापन कराना चाहते है, ताकि नियमित रूप से बातचीत कर सके।
जेल प्रशासन का कहना है कि नंबर का सत्यापन करने के बाद ही बात करने की अनुमति दी जा सकती है। सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।