गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के सरहरी बनकटवां में पुआल के झगड़े में पिटाई से घायल महिला की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इसी मारपीट में महिला के बेटे की भी 10 नवंबर को मौत हो गई थी। सवा महीने के भीतर मां-बेटा की मौत से घर में कोहराम मच गया। महिला का शव रखकर परिजन हत्या की धारा बढ़ाने की मांग पर अड़ गए थे।
जानकी की मौत के बाद परिजन शव को घर के सामने रखकर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि अपने वादे के अनुसार पुलिस मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाए। शव ने देने की सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, सीओ चौरीचौरा, सीओ कैंपियरगंज, एसओ चिलुआताल, एसओ गुलरिहा, एसओ पिपराइच मौके पर पहुंच गए। सभी अधिकारी सात घंटे परिजनों को मनाने में जुटे रहे जिसके बाद वे माने।
गुलरिहा पुलिस ने गोविंद की तहरीर के आधार पर आरोपी सचिन, अंगद, बालकेश, जगरोपन व रामसागर के खिलाफ बलवा, गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार लिया था। साथ ही हत्या में इस्तेमाल एक कुदाल का बेंट व एक हॉकी बरामद किया था। उस समय पुलिस ने परिजनों से वादा किया था कि विवेचना के दौरान केस में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
परिजनों का कहना है कि जब बबलू की मौत हुई थी तो पुलिस ने बिना उनकी सहमति के ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया था। पत्नी तक को अंतिम दर्शन का मौका नहीं दिया था। आज के बवाल की एक वजह यह भी है कि परिजनों को पुलिस की बातों पर यकीन नहीं है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। महिला की मौत के बाद परिजनों में थोड़ा गुस्सा था, उन्हें मनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।