गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के मॉडल शॉप में गुरुवार रात मुफ्त की शराब ना देने पर बेकसूर कर्मचारी की बेरहमी से पीटकर हत्या करने के तीन आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। इसमें से एक महराजगंज में तैनात दीवान का बेटा भी है। जबकि, वहीं पर तैनात एक अन्य सिपाही के बेटे की भी घटना में शामिल होने की पुष्टि हो गई है। पुलिस सिपाही पुत्र समेत 12 फरार लोगों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस मामले में पुलिस ने 15 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था। सीसीटीवी कैमरे से इनकी पहचान हुई थी।
आरोपियों की पहचान कैंट इलाके के सिंघड़िया निवासी दीवान अशोक पांडेय के पुत्र युवराज पांडेय, वहीं के दीपू तिवारी पुत्र दयाशंकर और अभिषेक कश्यप पुत्र ओम प्रकाश कश्यप के रूप में हुई है। तीनों छात्र हैं, युवराज बीएससी कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर सुनील पासवान की इस घटना के मुख्य आरोपित के रूप में पहचान हुई है। मॉडल शॉप पर उसी से सबसे पहले विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुलाया था। वहां पर मारपीट कर कर्मचारी मनीष प्रजापति की हत्या कर दी गई थी, जबकि बचाव करने आए साथी कर्मचारी रघु को पीटकर घायल कर दिया था। हालत में सुधार होने पर उसे नर्सिंग होम से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
मोहद्दीपुर गोली कांड में थे शामिल
मॉडल शॉप में हत्या करने वालों में वहीं आरोपित शामिल हैं, जिन्होंने सिंघड़िया से लेकर मोहद्दीपुर तक फिल्मी अंदाज में 21 सितंबर 2020 को फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। सुनील पासवान उस घटना में गोली से घायल जितेंद्र का साथी बताया जा रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि मॉडल शॉप की घटना में कई उन लोगों के नाम सामने आए हैं जो मोहद्दीपुर कांड में शामिल थे। मालूम हो कि मोहद्दीपुर में दो गैंग के बीच विवाद में गोली चली थी और मारपीट की घटना हुई थी।
मुफ्त में शराब पाने को लिया था हिस्ट्रीशीटर का नाम
घटना वाले दिन पता चला था कि जिस युवक से पहले विवाद हुआ था, उसने खुद को कोतवाली इलाके में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर का भाई बताते हुए उसके नाम पर ही मुफ्त में शराब मांगी थी। उसे लगा कि अगर बात बिगड़ी तो वही फंसेगा और उसके नाम पर आसानी से शराब मिल सकती है। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित पहले हिस्ट्रीशीटर के करीबी हुआ करते थे, लेकिन अब वे उससे अलग हो चुके हैं।