राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नगर निगम ने 5.15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत महानगर के 80 वार्डो में लगाए गए 500 से अधिक कैमरे जुड़ेंगे। आईसीसीसी अधिकतम 7 दिन का डेटा संग्रहित कर सकेगा। 7 दिनों के बाद किसी भी क्लाउड स्टोरेज में स्थानांतरित किया जाएगा।
टेंडर लेने वाली फर्म को मल्टी-लोकेशन सीसीटीवी निगरानी, लाइव फुटेज, वीडियो प्रबंधन प्रणाली (वीएमएस), केंद्रीकृत नियंत्रण एवं डेटा स्टोरेज की सुविधाएं मुहैया करानी होगी। आईसीसीसी में बड़ी एलईडी स्क्रिन लगाने के साथ किसी भी लोकेशन की फीड देखने की क्षमता होगी। फुटेज के साथ साउंड तक रिकार्ड किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम से संदेश भी प्रसारित होंगे।
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गोरखपुर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नगर निगम में ही इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। ये शहरवासियों की सुरक्षा और गुणवत्ता का ख्याल में रखकर किया जा रहा है। इस केंद्र से कैमरों से निगरानी और उसके डाटा को सुरक्षित रखा जाएगा। शहरवासी इसके लग जाने से खुद को पहले से और सुरक्षित महसूस करेंगे।