एक नवंबर 2005 की सुबह करीब 9:30 बजे वादी अपनी पत्नी व लड़के साथ घर का सामान अपने नए घर में शिफ्ट करवा रहा था। बेटी कंचनलता घर में खाना बना रही थी। वादी की लड़की को घर में अकेला पाकर घनश्याम, हीरालाल, सुग्रीव व मधुरा उसके घर में घुस आए और कंचनलता का गला धारदार हथियार से रेत दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
मधुरा गुप्ता की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश चंद पांडेय का कहना था कि वादी मधुरा सहजनवां थाना क्षेत्र भीटी रावत का निवासी है। घटना एक नवंबर 2005 की सुबह 9:30 बजे की है। उसी रात कुछ अज्ञात लोगों ने कंचनलता की हत्या कर दी।
सुबह कंचनलता के परिवार वालों को जब वह मृत अवस्था में मिली तो कंचनलता के परिजनों को साजिश में लेकर संतबली, कोईल उर्फ राजेंद्र, दशरथ, हरिवंश, कृष्ण कुमार, शक्ति व दिनेश वादी के घर व दुकान में घुस गए और वादी के लड़के घनश्याम को खींचकर मारा-पीटा था। इस मामले में जनपद न्यायाधीश ने संतबली यादव, हरिबंश यादव, कृष्ण कुमार व शक्ति कुमार यादव को दोषी मानते हुए एक साल का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड दिया।