गोरखपुर में दुष्कर्म का आरोप सही पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश तनु भटनागर की अदालत ने अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दो लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक साल एक माह का कारावास अलग से भुगतना होगा। वहीं, एक अन्य अभियुक्त पर मारपीट का आरोप सिद्ध पाए जाने पर एक साल के साधारण कारावास से दंडित किया है।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेश सिंह का कहना था कि 5 मई 2011 को शाम करीब चार बजे वादिनी के घर के लोग बाजार गए थे। तभी अभियुक्त वादिनी के घर आया और तख्त पर सो गया। अभियुक्त वादिनी से पानी मांगने लगा तो उसने इनकार कर दिया।
इस पर अभियुक्त ने वादिनी को गाली देते हुए दौड़ा लिया और घर में घुस कर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वादिनी के घर के लोग आए तो उसने घर वालों को सारी बात बताई। वादिनी के घर वाले जब इसकी सूचना थाने में देने जा रहे थे, तो रास्ते में अभियुक्त और उसके एक दोस्त ने लाठी डंडा लेकर उन्हें घेर लिया और गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। किसी तरह जान बचाकर सभी थाने पहुंचे और मामले की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में सजा सुनाई है।