सहजनवां इलाके में हुई थी घटना, सभी की हालत खतरे से बाहर
सूदखोरों की बात फर्जी निकली, आर्थिक तंगी में उठाया था आत्मघाती कदम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सहजनवां इलाके में चार बच्चों और पत्नी को जहर देकर खुद भी जहर खाने वाले पोल्ट्री फार्म मालिक रामानंद और उसकी पत्नी सीता की तबीयत ठीक होने के बाद सोमवार को दोनों को मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिल गई। बच्चों के सेहत में भी सुधार होने के बाद आईसीयू से बाहर निकालकर उन्हें जनरल वार्ड में रखा गया है।
उधर, पुलिस की जांच में पता चला है कि मामला सूदखोरी का नहीं है, बल्कि व्यापार में घाटे की वजह से आई आर्थिक तंगी का है, जिससे घर में विवाद हो रहा था। इसी वजह से रामानंद ने ऐसा कदम उठाया है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां थाना क्षेत्र के तितनापार गांव के रामानंद गौड़ (40) ने पत्नी सीता (35), बेटियां मोहिनी (16) व रागिनी (12) और बेटे नीरज (9) व धीरज (7) को चटनी में जहर मिलाकर खिला दिया था। जैसे ही चटनी खाई तभी रागिनी ने उल्टी कर दी। उसे उल्टी करते देख सभी ने खाना बंद कर दिया। सभी ने थोड़ा बहुत खाना खा लिया था, इसलिए कुछ देर में सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनकी हालत देख रामानंद के भाई अशोक ने सभी को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां भी इलाज से राहत नहीं मिलने पर बीआरडी रेफर कर दिया गया था।
शुरुआती जांच में रामानंद ने सूदखोरी की बात कहते हुए सनसनी फैला दी। जिससे सूद लेने की बात कही गई थी पुलिस उसे भी लेकर थाने आ गई तो पता चला कि उसकी खुद की हैसियत इतनी नहीं है। उसने बताया कि महज 30 हजार रुपये की मदद की थी। बाद में रामानंद ने भी पुलिस के सामने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से उसने ऐसा किया था। सूद की बात खुद के बचने के लिए कही थी। एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सूद की बात जांच में फर्जी पाई गई है। आर्थिक तंगी और गृह कलह की वजह से परिवार वालों को जहर दिया था।