तत्काल टिकट की बुकिंग अब तीन दिन पहले से होती है। सुबह 10 बजे स्लीपर क्लास व 11 बजे एसी क्लास की बुकिंग की जाती है। तत्काल टिकट के लिए आधी रात में ही आकर लोग डट जाते हैं। सुबह तक कतार लग जाती है। 10 बजे जैसे ही काउंटर खुलता है और पांच-छह टिकट बुक होता है, तब तक सीटें फुल हो जाती हैं। कतार में खड़े जिन पांच-छह लोगों का टिकट कटता है, उसमें से भी दो-तीन ही आम लोग होते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वहां सक्रिय दलाल प्रति टिकट 700 से 1000 रुपये लेकर कंफर्म टिकट वसूलते हैं। वहीं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग वालों ने भी अपने नेटवर्क के जरिए सेंधमारी कर रखी है। ये लोग ऐसा साफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं, जिसमें यात्री का ब्योरा दर्ज करने के बाद पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होती। इस वजह से जैसे ही सर्वर खुलता है, इनके पोर्टल पर भरा डॉटा स्वत: ही सारी प्रक्रिया पूरी कर टिकट जेनरेट कर देता है।
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बातचीत में एक एजेंट ने बताया कि गोरखपुर से दिल्ली के लिए थर्ड एसी का कंफर्म टिकट दिवाली बाद दो हजार रुपये और गोरखपुर से मुंबई के लिए चार हजार रुपये में उपलब्ध करा देगा।
आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद ने बताया कि टिकट के धंधेबाज की जांच की जाती है, तो उसकी जांच कर कार्रवाई होगी।