मुख्यमंत्री और निगम के चेयरमैन को लिखे शिकायती पत्र में उपभोक्ता ने 2005 से 2015 तक के बीच के कनेक्शनों और बिलों की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी और चेयरमैन एम देवराज से मामले की एक बार फिर शिकायत की है। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
प्रार्थनापत्र दबाने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब पहली बार 2008 में शिकायत की थी, तो विभाग के अधिकारियों ने प्रार्थनापत्र को दबा लिया था। बड़ी मुश्किल से प्रार्थनापत्र वापस मिले हैं।
इन्हें बनाया गया जांच अधिकारी
मुख्य अभियंता ने चेयरमैन दफ्तर से आए निर्देश पर मामले की जांच के लिए दो सदस्यों की टीम गठित की है। इसमें अधिशासी अभियंता इंद्रराज यादव और लेखाकार उत्कृष्ठ सिंह शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए 11 बिंदुओं पर वितरण खंड से सवालों के लिखित जवाब मांगे गए हैं। कुछ प्रपत्रों को मांगा गया है, लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत गया है जवाब नहीं मिला है।