फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीआरडी में दिनरात कोरोना संक्रमितों की कर रहे हैं सेवा, बदले में मिला बदबूदार खाना

Mon, 03 Aug 2020 11:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे कर्मियों ने जताया विरोध
  • रविवार की देर रात दिया गया था खाने का पैकेट 
विज्ञापन
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में तैनात कर्मचारियों को बदबूदार खाना मिल रहा है। इससे नाराज कर्मियों ने खाने का बहिष्कार करते हुए इसकी शिकायत अधिकारियों से की है। मामला संज्ञान में आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच का फैसला लिया है। मामला रविवार की रात का है।

विज्ञापन

 
जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड का कोरोना वार्ड है। इसमें 40 बेड का वेंटिलेटर सहित आईसीयू युक्त हैं। इन वार्डों में एक शिफ्ट में 40 से 50 कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। 

इसे भी पढ़ें- बीआरडी में तैनात सफाई कर्मी समेत पांच कोरोना संक्रमितों की मौत
विज्ञापन


रविवार की कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को खाने के पैकेट दिए गए। जैसे ही कर्मियों ने खाने का पैकेट खोला तो उसमें से बदबू आ रही थी। इतना ही नहीं चावल, दाल व सब्जी तीनों का स्वाद बेहद खराब था। रोटी पूरी तरह से सूखी थी। 

इसके बाद रात में ड्यूटी कर रहे कर्मियों ने खाने से इनकार कर दिया। इसके बाद वार्ड ब्वॉय, स्वीपर समेत दूसरे कर्मचारी इकट्ठा होकर खाने के पैकेट को वापस करने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद रात में ही मामले की शिकायत आलाधिकारियों से की गई।

विज्ञापन

अधिकारियों ने क्या कहा

खाने के पैकेट के फोटो भी अधिकारियों को व्हाट्सएप किए गए। सुबह होते ही सोमवार को अधिकारियों से मिलकर पूरी बात बताई। इस पर अधिकारियों ने मामले को किसी तरह संभाला। 

बताया जाता है कि कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों को भी यही खाना दिया गया था। मेडिकल कॉलेज के कोरोना में वार्ड में रविवार को 191 मरीज भर्ती थे।  वेंटिलेटर के मरीजों को छोड़कर दूसरे सभी मरीजों को यही खाना मिला।

इसे भी पढ़ें- सदर एसडीएम, मुख्य राजस्व अधिकारी समेत 141 मिले कोरोना पॉजिटिव

बीमार हालत होने की वजह से मरीजों ने खाने के विरोध में कोई आवाज नहीं उठाई। लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों ने खाना नहीं खाया। 

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि खाने के पैकेट की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। कर्मचारियों को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्हें काम का बेहतर माहौल दिया जाएगा। उन्हें उच्च गुणवत्ता युक्त भोजन हर हाल में मिलेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें