गोरखपुर में कोरोना वैक्सीनेशन।
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कोविड टीकाकरण की शत-प्रतिशत सफलता के लिए शासन ने कलस्टर अभियान के तहत फिर से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सूची के आधार पर गांवों का चयन करने को कहा गया है। तीन श्रेणियों में इन गांवों को बांटा जाएगा। जिन गांवों में 95 प्रतिशत या इससे अधिक प्रथम डोज लगाए गए हैं वहां टीकाकरण कराया जाएगा। उन गांवों को प्राथमिकता में शामिल करते हुए दोनों डोज लगाए जाएंगे। पूरे गांव में कोविड टीकाकरण हो जाने के बाद उसे कोविड सुरक्षित ग्राम का दर्जा दिया जाएगा।
इसके अलावा 80 से 95 प्रतिशत प्रथम डोज वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। इन गांवों में अगर 100 प्रतिशत प्रथम डोज लग जाती है तो इस गांव को प्रथम डोज संतृप्त गांव का दर्जा दिया जाएगा। अगर यही गांव दोनों डोज लगवा लेते हैं तो कोविड सुरक्षित ग्राम माना जाएगा। इसके अलावा 80 प्रतिशत से कम प्रथम डोज टीकाकरण वाले गांवों को चिह्नित करते हुए पंचायती राज, शिक्षा, आईसीडीएस, ग्राम सभा और ग्राम प्रधानों की मदद से प्रथम डोज लगवाया जाएगा। इस काम में लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, एएनएम की मदद ली जाएगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। तीन श्रेणियों में गांवों की सूची बनाई जा रही है। जिस गांव में टीकाकरण कम होगा वहां प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाई जाएगी। इसके अलावा जिन गांवों में प्रथम डोज 95 प्रतिशत लोगों को लग गई है वहां पर बाकी बचे लोगों को वैक्सीन लगेगी और टीकाकरण का शत प्रतिशत प्रथम डोज वाला गांव बनाया जाएगा।
32 लाख के पार हुई टीका लगवाने वालों की संख्या
गुरुवार को विभाग ने 244 बूथ टीकाकरण के लिए बनाए थे। इन बूथों पर 18 हजार से अधिक लोग ही पहुंचे थे। जिला अस्पताल से लेकर संक्रामक रोग विभाग और महिला अस्पताल में बने बूथों पर दोपहर 12 बजे के बाद सन्नाटा पसर गया था। स्वास्थ्य कर्मी लोगों का इंतजार करते दिखे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि 18155 लोगों ने टीका लगवाया है। इसमें 12583 ने पहली और 5572 ने दूसरी डोज लगवाई है। बृहस्पतिवार को हुए टीकाकरण के बाद जिले में 32 लाख छह हजार से अधिक लोग टीका लगवा चुके हैं।