गोरखपुर जिले में करीब साढ़े नौ लाख लोग कोविड संक्रमण का कभी भी शिकार हो सकते हैं, ये वे लोग हैं जिन्होंने अब तक कोरोनारोधी टीके की एक डोज भी नहीं लगवाई है। इनमें ढाई लाख लोग जिले से बाहर रहते हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में हुआ है। यह सर्वे आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो महीने में पूरा किया है। इस दौरान वे घर-घर तक पहुंची थीं और रिकॉर्ड जुटाया।
जिले में 18 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 35 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग इस लक्ष्य को पूरा करने में पूरी ताकत के साथ लगा है। जिले में 16 जनवरी 2021 से ही टीकाकरण चल रहा है। अब तक करीब 25 लाख 61 हजार लोगों को टीके की पहली डोज लग चुकी है। करीब 15 लाख लोगों को दोनों डोज लगी है। स्वास्थ्य विभाग के लिए अगला एक पखवारा बेहद अहम है। विभाग को 31 दिसंबर तक करीब सात लाख लोगों को टीके की पहली डोज लगानी है। इसके लिए करीब रोजाना 300 से अधिक बूथ संचालित होंगे। रविवार को आरोग्य मेले में भी टीकाकरण होगा।
रोजगार और शिक्षा के लिए बाहर गए हैं ढाई लाख लोग
विभाग के लिए बचे हुए साढ़े नौ लाख लोग चिंता का विषय हैं। इन लोगों की पहचान और तलाश के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम ने एक-एक घर का सर्वे बीते दो महीने में किया। रिपोर्ट यह बात सामने आई कि ढाई लाख लोग रोजगार और शिक्षा के सिलसिले में जिले से बाहर रहते हैं।
टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि कोरोना का टीका लगवाने के लिए कुछ लोग सामने नहीं आ रहे हैं। वे लोग टीका लगवाने से आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए धर्मगुरु और धार्मिक शिक्षकों का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे स्थान को चिह्नित किया जा चुका है, जहां पर टीकाकरण कम हुआ है।