सीएमओ ने बताया कि कोरोना के संभावित रोगियों का कई ग्रुप बना कर सभी के सैंपल मिक्स कर दिए जाते हैं। जिन ग्रुप्स में रिपोर्ट निगेटिव आती है, उतने लोगों को कोरोना से मुक्त मानते हुए जिन ग्रुप की रिपोर्ट पॉजिटिव होती है वहां उनकी व्यक्तिगत सैंपलिंग कर जांच की जाती है।
उन्होंने बताया कि गीडा स्थित डेंटल कॉलेज और नंदानगर स्थित टीबी अस्पताल में बने क्वारंटीन सेंटर में लोगों की वन-टू-वन सैंपलिंग की जा रही है।