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कोरोना वायरस हो रहा है कमजोर, यहां ठीक हो गए तीन दिनों में 50 प्रतिशत से अधिक मरीज

Mon, 13 Jul 2020 06:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTi
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गोरखपुर शहर में भले ही कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन सुखद यह भी है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी बढ़िया है। 50 प्रतिशत अलक्षणिक मरीज केवल दो से तीन दिनों में ही ठीक हो जा रहे हैं। इन मरीजों में कोरोना के कोई खास लक्षण नहीं है। जबकि पहले अलक्षणिक मरीजों को ठीक होने में कम से एक सप्ताह का समय लगता था। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस थोड़ा कमजोर हुआ है। दूसरी ओर से जो मरीज ठीक हो रहे हैं। उनकी इम्युनिटी भी बेहतर है।

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कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉ अश्वनी मिश्रा बताते हैं कि अलक्षणिक मरीज जिनकी उम्र 35 साल के अंदर है। उनके ठीक होने की रफ्तार सबसे बढ़िया है। ऐसे मरीज दो से तीन दिनों के अंदर ठीक हो रहे हैं। इन्हें दवा के नाम पर केवल एंटी बायोटिक दी गई है। खान-पान का बेहतर ध्यान रखा जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को पहले से कोई बीमारी है, केवल उन्हीं मरीजों में समय लग रहा है। बताया कि मासूम बच्चों के भी ठीक होने की रफ्तार बेहद अच्छी है। उन्हें दवा के नाम पर महज एंटी बायोटिक दी गई है। वह भी केवल शुरुआती एक दो दिनों में। बाकी दिनों में मां का दूध देने की सलाह दी गई है। बताया कि कई मासूम अलक्षिणक मिले हैं, जो जल्द ठीक होकर घर भी जा चुके हैं। रेलवे अस्पताल की बात करें तो पिछले दिनों के अंदर 60 से अधिक मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।
 

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जांच के दो दिन बाद ही आ गए निगेटिव

रेलवे अस्पताल में भर्ती 40 से अधिक मरीज ऐसे मिले हैं, जो कोरोना संक्रमित होने पर भर्ती हुए। लेकिन महज दो दिन बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। रेलवे अस्पताल से अब तक 311 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इनकी उम्र 15 से 50 साल के बीच में रही है।

478 में केवल 15 हुए हैं रेफर
रेलवे को कोविड-19 लेवल-वन का अस्पताल बनाया गया है। सोमवार तक 478 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें 311 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इनमें महज 15 ऐसे मरीज हैं, जो गंभीर बीमार होने पर बीआरडी रेफर किए गए हैं। इसके अलावा मौजूदा समय में 152 अलक्षणिक मरीज भर्ती हैं।

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10 दिन तक भर्ती रखना गाइडलाइन में
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अलक्षणिक मरीजों के ठीक होने की रफ्तार अन्य जगहों की अपेक्षा जिले की सबसे बढ़िया है। दो से तीन दिनों में मरीज ठीक हो जा रहे हैं। लेकिन शासन की गाइडलाइन के मुताबिक ठीक होने के बाद भी कम से कम 10 दिनों तक मरीजों को कोरोना वार्ड में रहना है।
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