कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी शादी-ब्याह के बाजार पर काफी खराब असर पड़ा है। अप्रैल से ही लगन शुरू है, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के चलते अधिकांश शादियां टल गईं। इसका असर तो लगभग सभी व्यवसायों पर पड़ा है लेकिन कपड़ा, बैंड, डीजे और कैटरिंग, फर्नीचर समेत कुछ अन्य व्यवसाय ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
फर्नीचर : कारीगरों को तनख्वाह देना मुश्किल
शहर में तीन सौ छोटे-बड़े व्यवसायी फर्नीचर के कारोबार से जुड़े हैं। फर्नीचर व्यवसायी राम रतन विश्वकर्मा ने बताया कि लगन को देखते हुए फरवरी-मार्च में ही फर्नीचर का सामान मंगवा लिया था, लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह से दुकानों के बंद होने कारण ज्यादा बिक्री नहीं हो सकी। अप्रैल में तब भी कुछ बिक्री हुई, लेकिन इधर कारोबार एकदम ठप है। कारीगरों को तनख्वाह देना मुश्किल हो गया है।
कपड़ा व्यवसाय : इस बार स्थिति और बदतर
कोरोना ने इस बार भी कपड़ा व्यवसाय को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। पहली लहर के बाद स्थिति सुधरी तो दुकानदारों ने लगन को देखते हुए स्टॉक जमा कर लिया था। लेकिन इस बार स्थिति और बदतर हो गई। थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने बताया कि इस बार भी लगन में मात्र अप्रैल और मई में करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस माह ईद भी है। इन मौकों पर गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी यहां से माल जाता था।