नेपाल में बढ़े कोरोना के केस, सीमा के इस पार तीसरी लहर का खतरा
सिद्धार्थनगर। नेपाल के जरिए कोरोना की तीसरी लहर का जोखिम बढ़ गया है। सीमावर्ती देश नेपाल में कोरोना का कहर तेज हो गया है। नेपाल में बीते 24 घंटे में 3400 लोगों की रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई और उनमें 42 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके बावजूद भारतीय सीमा पर कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए सख्ती नजर नहीं आ रही है।
भारत से लगी नेपाल की 68 किमी की सीमा से नेपाली नागरिक भारत में बेरोक-टोक प्रवेश कर रहे हैं। भारत की सीमा पर प्रवेश से पहले कोरोना का एंटीजन टेस्ट करने की सुविधा नहीं है। प्रवेश के लिए कोरोना जांच की रिपोर्ट दिखाना भी अनिवार्य नहीं है।
बढ़नी प्रतिनिधि के अनुसार सीमाई इलाके के हरिवंशपुर, ठूठरी, ककरहवा, धनगढ़वा, अलीगढ़वा, बजहा, पकड़ियहवा, खुनुआ, हरदौना, कोटिया, महदेवा बुजुर्ग, मलगहिया सीमा पर प्रतिदिन सैकड़ों नेपाली नागरिक भारत में आ रहे हैं। इस कारण सीमावर्ती जिलों के लोग चिंतित हैं।
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, तीन करोड़ आबादी वाले देश में 40 हजार से अधिक लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। राजधानी काठमांडू और सुुदुर पश्चिमी इलाके के दस जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है। झापा, अर्घाखाची, पाल्पा, प्यूठान, गुलमी आदि कई जिलों में लॉकडाउन चल रहा है। झापा जिला स्वास्थ्य कार्यालय प्रमुख योगराज घिमिरे के अनुसार संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। एसएसबी के बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) बढ़नी के प्रभारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि नेपाली नागरिकों को रोकने के लिए उन्हें जिला प्रशासन से कोई निर्देश नहीं मिला है।