कोरोना संक्रमण की जांच के लिए तीन तरीके (आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और एंटीजन किट की जांच) इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। 15 से 20 मिनट में संक्रमण के बारे में पता चल जाने के चलते एंटीजन किट को तरजीह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लगाए जा रहे कैंपों में भी इसी किट का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन कुछ मामलों में लोग इससे धोखा भी खा रहे हैं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर निश्चिंत होकर परिजनों से घुल मिल रहे हैं। लेकिन तबीयत बिगड़ने पर जब जांच का दूसरा तरीका अपनाया जा रहा है तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।
केस-एक
घर के चार और सदस्य हो गए संक्रमित
रुस्तमपुर आजाद चौक के रहने वाले 42 वर्षीय युवक ने दो दिन पहले एंटीजन से कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह निश्चिंत हो गए। दो दिन बाद अचानक बुखार के साथ सर्दी जुकाम हुआ तो जिला अस्पताल में दिखाया। आरटीपीसीआर से जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एहतियात के तौर पर उन्होंने अपने घरवालों की भी जांच कराई तो चार सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इनमें दो साल का एक मासूम भी है।