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एंटीजन किट से करा रहे हैं कोरोना की जांच तो पढ़ लें ये खबर, खुद के साथ परिजनों को भी हो सकती है परेशानी

Mon, 21 Sep 2020 12:41 PM IST
vivek shukla नीरज मिश्र, गोरखपुर।
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फाइल फोटो। - फोटो : PTI
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कोरोना संक्रमण की जांच के लिए तीन तरीके (आरटीपीसीआर, ट्रूनेट और एंटीजन किट की जांच) इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं। 15 से 20 मिनट में संक्रमण के बारे में पता चल जाने के चलते एंटीजन किट को तरजीह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लगाए जा रहे कैंपों में भी इसी किट का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन कुछ मामलों में लोग इससे धोखा भी खा रहे हैं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर निश्चिंत होकर परिजनों से घुल मिल रहे हैं। लेकिन तबीयत बिगड़ने पर जब जांच का दूसरा तरीका अपनाया जा रहा है तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।

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केस-एक
घर के चार और सदस्य हो गए संक्रमित
रुस्तमपुर आजाद चौक के रहने वाले 42 वर्षीय युवक ने दो दिन पहले एंटीजन से कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह निश्चिंत हो गए। दो दिन बाद अचानक बुखार के साथ सर्दी जुकाम हुआ तो जिला अस्पताल में दिखाया। आरटीपीसीआर से जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एहतियात के तौर पर उन्होंने अपने घरवालों की भी जांच कराई तो चार सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इनमें दो साल का एक मासूम भी है।

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केस- दो

खुशी दो दिनों में ही मायूसी में बदली  
कूड़ाघाट के झरना टोला के रहने वाले 45 वर्षीय एक शख्स को 14 सितंबर को बुखार हुआ तो एहतियात के तौर पर कोरोना जांच के लिए पहुंचे। एंटीजन से की गई जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद वह बुखार की दवा लेकर घर आ गए। 16 सितंबर को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो निजी अस्पताल गए। आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उधर, एंटीजन से रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद की निश्चिंतता का नतीजा यह रहा है कि परिवार के पांच और सदस्य संक्रमित हो गए। इनमें सात साल का एक मासूम भी है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि एंटीजन किट से की गई जांच की रिपोर्ट उन मामलों में ज्यादा सटीक है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नजर आ रहे हैं। लेकिन कई ऐसे केस भी सामने आए हैं जिनकी एंटीजन रिपोर्ट तो निगेटिव है लेकिन आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव।

ऐसा अलाक्षणिक मरीजों के मामलों में ज्यादा है। इसलिए एंटीजन से अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो एक बार आरटीपीसीआर से जांच जरूर करा लें। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट अब तक 99 प्रतिशत तक सही मिली है।
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