उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शिक्षकों और कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अभिभावकों की ओर से जमा कराई जाने वाली होमवर्क की कॉपियां और प्रोजेक्ट सैनिटाइज की जाएंगी। इसके अलावा इन्हें तीन दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जाएगा।
कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के क्रम में शहर के आरपीएम स्कूल प्रबंधन ने यह पहल की है। कॉपियों-प्रोजेक्ट को क्वारंटीन करने के लिए विद्यालय परिसर में एक विशेष कमरा बनाया गया है। मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को ग्लव्स और मॉस्क लगाकर कॉपियां जांचने की हिदायत दी गई है।
अनलॉक चार के क्रम में नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन के लिए भी स्कूल बुलाने के फैसले को 31 सितंबर तक टाल दिया गया है। मगर इंटरनल एसेसमेंट को लेकर विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट वर्क, होमवर्क की कॉपी, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए अभिभावकों को स्कूल बुलाया जा रहा है।
ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल प्रबंधन ने ये पहल की है। स्कूल प्रबंधन के प्रयास की अन्य निजी स्कूलों की ओर से भी सराहना हो रही है। साथ ही वे भी इस प्रक्रिया को अपने यहां लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
डायरेक्टर आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स अजय शाही ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जब तक इसकी वैक्सीन नहीं बन जाती बचाव ही एक मात्र उपाय है। शिक्षकों और स्टॉफ की सुरक्षा के लिए कॉपियों को सैनिटाइज कराने के साथ ही उन्हें तीन दिन तक क्वारंटीन किया जा रहा है। इसके बाद ही कॉपियों का वितरण शिक्षकों में किया जाएगा।