उक्त लोग अपने को पास्टर बताकर गांव के लोगों को हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो लोग उनके बहकावे में नहीं आ रहे हैं, उनको यह लोग कैंसर, पेट दर्द, कान बहना, गले में दर्द जैसी बीमारी बताकर सेवा भाव का नाटक रच रहे हैं। ताकि, वह धर्म परिवर्तन कर लें। पुलिस ने प्रधान के इसी आरोप के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
धर्म परिवर्तन करने के लिए आरोपी बिना डिग्री का इलाज भी करते थे। आरोप है कि तीनों कैंसर, गर्दन दर्द, कान का बहना जैसे रोगों का इलाज करने का दावा करके झाड़-फूंक भी किया करते थे। जो लोग धर्म परिवर्तन के लिए रुपये लेने को तैयार नहीं होते थे, उन्हें इस माध्यम से तैयार करने की कोशिश की जाती थी। यही वजह है कि पुलिस ने आरोपों के आधार पर मेडिकल काउंसिल एक्ट भी लगाया है।
पिपराइच थाने में इस तरह का दूसरा मामला
धर्म परिवर्तन का आरोप तो अक्सर लगता है, लेकिन पुलिस की जांच में यह बात साबित नहीं हो पाती है। पिपराइच थाने में इस तरह का दूसरा मामला सामने आया है। पुलिस ने छह महीने पहले भी इस तरह का केस दर्ज किया था। तब बाहर से आकर लोग यहां पर डेरा डाले थे। एक बार फिर इस तरह का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि मौके से पुलिस को धार्मिक पुस्तकें भी मिली हैं।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर धर्म परिवर्तन कराने, जालसाजी और मेडिकल काउंसिल एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।