उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कोतवाली इलाके के बक्शीपुर में किराए के कमरे में रहने वाली महिला अस्पताल की संविदा कर्मचारी सहाना (30) का शव शुक्रवार को फंदे से लटका मिला। बताया जा रहा है कि वह आर्थिक तंगी की वजह से अवसाद में आ गई थी। पिछले करीब 7 महीने से संविदा कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है, जिससे वह परेशान थी और दो दिन पहले डीएम से मिलकर खुद की आर्थिक कमजोरी के लिए गुहार भी लगाई थी।
सहाना की मौत की खबर सुनते ही साथी संविदा कर्मचारियों ने महिला अस्पताल का कामकाज ठप कर हड़ताल शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने समझा-बुझाकर उनका वेतन जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन देकर काम शुरू कराया है।
जानकारी के मुताबिक, सहाना पिछले कुछ सालों से महिला अस्पताल में ड्यूटी कर रही थी। उसका और उसके साथियों का पिछले 7 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है और इसी बीच उपस्थिति रजिस्टर को भी हटा दिया गया था। अस्पताल प्रशासन के इस काम से सभी कर्मचारी नाराज थे और दो दिन पहले डीएम से मिलकर उसने खुद की जान देने तक की बात कह डाली थी।
डीएम ने उसे गंभीरता से लेते हुए जल्द आश्वासन दिया था, लेकिन इसी बीच सहाना ने खुदकुशी करने का फैसला कर लिया और शुक्रवार को उसका शव फंदे से लटका मिला। वहीं शव के बगल में उसका आठ महीने का बच्चा बिलख रहा था।
शुक्रवार की सुबह मकान मालिक ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि खुदकुशी की वजह साफ नहीं है, कुछ निजी कारण हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने वेतन बकाया का भुगतान का आश्वासन भी दिया है।