कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
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गोरखपुर चंपा देवी पार्क में 31 अक्तूबर को होने वाली कांग्रेस की प्रतिज्ञा रैली में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों का भाग्य भी तय करेगी। गोरखपुर-बस्ती मंडल के नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र से आम लोगों को इस रैली में लेकर आना है। जिस नेता के साथ जितनी भीड़, उसकी दावेदारी भी उतनी मजबूत मानी जाएगी।
यूपी में वापसी के लिए इस बार कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में अपने को मजबूत बनाने में जुटी कांग्रेस वाराणसी के बाद अब गोरखपुर में भी भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाना चाहती है। भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सबसे अधिक उन नेताओं के जिम्मे है जो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए खुद को सशक्त उम्मीदवार बता रहे हैं।
इसकी नियमित समीक्षा भी हो रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, वरिष्ठ नेता राजेश तिवारी समेत कई पदाधिकारी दो दिनों से गोरखपुर में ही डेरा डाले हुए हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक कमेटी हर जिले से आने वाली अनुमानित संख्या, आने का साधन आदि का विवरण नोट कर रही है। जिस नेता को जो लक्ष्य दिया गया है, उसके अनुरूप अब तक क्या प्रयास किया गया इस पर भी बात हो रही है। कांग्रेस का केंद्रीय कार्यालय भी यहां की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
जनसंपर्क कर रहे प्रदेश अध्यक्ष
शहर के चंपा देवी पार्क में होने वाली इस रैली के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू खुद विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं। रेलवे समेत कई विभागों के कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों, कृषक व मजदूर वर्ग के प्रतिनिधियों से मिलकर प्रदेश अध्यक्ष इस रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।