- नोएडा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और दिल्ली से खातों में रकम आने की पुष्टि
- सिम 3500 और बैंक खाता पांच हजार रुपये में बेचने का आरोप
- 26 जुलाई को जेल भेजे गए तीन युवकों से पूछताछ और खातों की जांच में सामने आए अहम सुराग
गोरखपुर। साइबर ठगी में इस्तेमाल रकम का नेटवर्क गोरखपुर से नोएडा, दिल्ली के अलावा तमिलनाडु व मध्य प्रदेश के कई शहरों तक फैला होने के संकेत मिले हैं। 26 जुलाई को जेल भेजे गए तीन युवकों से जुड़े मामले की जांच में पुलिस को बैंक खातों और मोबाइल सिम के इस्तेमाल से संबंधित अहम जानकारी मिली है। आरोप है कि तीनों आरोपी अपने नाम पर जारी सिम करीब 3500 रुपये और बैंक खाते पांच हजार रुपये में साइबर ठगी करने वाले जालसाजों को उपलब्ध कराते थे।
सिकरीगंज क्षेत्र के फरेंदिया बुजुर्ग निवासी अमन कुमार, बारीगांव निवासी संतोष कुमार और बिजौरा निवासी सत्यम सिंह को पुलिस ने 26 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक रुपये लोन देने वाले मोबाइल एप के जरिये तीनों जालसाजों के संपर्क में आए थे। आरोप है कि लोन की रकम नहीं लौटाने पर संबंधित लोग धमकी देने के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें भेजते थे।
पुलिस की जांच में ऐसे बैंक खातों का पता चला है, जिनमें नोएडा, दिल्ली के अलावा तमिलनाडु, मध्य प्रदेश के कई शहरों से रकम पहुंची थी। आरोप है कि इन खातों से रकम निकालने या दूसरे खातों में भेजने के बाद कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
खातों के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश
मामले में पुलिस ने कोर्ट में पैरवी भी तेज कर दी है। प्रभावी पैरवी के बाद आरोपितों की जमानत निरस्त कराई गई है। अब जांच टीम रकम भेजने वाले खातों और साइबर ठगी से जुड़े वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम