गोरखपुर चिड़ियाघर: मैलानी का उपचार करता प्राणि उद्यान का चिकित्सकीय दल।
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गोरखपुर शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणि उद्यान की बब्बर शेरनी मैलानी की हालत स्थिर, लेकिन चिंताजनक बनी हुई है। मैलानी के इलाज के लिए आईवीआरआई बरेली से दो डॉक्टरों की टीम भी आई हुई है। साथ में प्राणि उद्यान के चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह भी इलाज में लगे हैं।
डॉ. योगेश ने बताया कि सोमवार दोपहर से अचानक संक्रमण से ग्रसित होकर मैलानी ने लगातार उल्टी करना शुरू कर दिया था। मैलानी की उम्र 17 वर्ष है। सामान्य उम्र 19 वर्ष मानी जाती है। मैलानी को फरवरी के अंतिम सप्ताह में इटावा लायन सफारी से गोरखपुर चिड़ियाघर लाया गया था।
डॉ. योगेश ने बताया कि ये सभी शेर गुजरात से आए हैं। वहां के और स्थानीय मौसम में काफी अंतर होता है। इसी बीच लगातार बारिश होने की वजह से नमी और मौसम भी शुष्क हो गया। इसी वजह से मैलानी संक्रमण से ग्रसित लग रही है। बताया कि उसने भोजन तो रविवार की रात में ही रोज की तुलना में काम खाया था। फिलहाल वह ड्रिप पर है। तबीयत खराब होने पर इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट से भी डॉ. करिकलन और डॉक्टर हीराराम आए हैं। इससे इलाज में और सहयोग मिल रहा है।
आमतौर पर बब्बर शेर की उम्र 18-19 मानी जाती है। उम्र बढ़ने के साथ ही संक्रमण का खतरा अन्य दिनों से अधिक हो जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात में बाड़े के अंदर भोजन रखा जाएगा। उम्मीद है दवाओं के अलावा खाना पेट में जाएगा तो हालत कुछ और सामान्य हो सकेगी।