इसे देखते हुए लखनऊ में गोमतीनगर स्टेशन पर भी एक कोच को रेस्टोरेंट में बदलने का काम चल रहा है। इसके बाद गोरखपुर जंक्शन और सिधौली (सीतापुर) में भी इस प्रकार का कोच रेस्टोरेंट प्रस्तावित है। गोरखपुर जंक्शन के गेट नंबर पांच के बगल में ट्रेन की एक बोगी लाई गई है जिसके अंदर और बाहर से खूबसूरत पेंटिंग कराई जाएगी।
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इस ट्रेन कोच रेस्टोरेंट का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाना है। संचालन का टेंडर पाने वाले रियाज खान ने बताया कि ट्रेन कोच के चारों तरफ सुंदर पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे कि वहां आने वाले को खूबसूरत एहसास हो। इसके लिए स्टील की रेलिंग, आकर्षक गमले, फूल-पत्ती आदि का प्रबंध किया जा रहा है।
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कोच की इंटीरियर डिजाइनिंग, लाइटिंग आदि ऐसी होगी, जिससे कि यहां बैठने वालों को किसी महंगे होटल का एहसास होगा। बैठने के लिए सोफा लगाया जाएगा। यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता और स्वाद का नाश्ता व भोजन मिल सके, इसके लिए प्रशिक्षित सेफ रखे जाएंगे। वेटर सर्विस को भी बड़े होटलों जैसा रखा जाएगा। खाद्य सामग्री की कीमतें रेलवे तय करेगी।
सीपीआरओ-पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे की नई पहल के अंतर्गत, रेल कोच रेस्टोरेंट खोला जा रहा है। इसमें कंडम हो चुके कोच को रेस्टोरेंट में डेवलप किया जाता है, पूर्वोत्तर रेलवे के इज्ज्तनगर एवं बनारस स्टेशन पर यह सुविधा सुचारू रूप से चल रही है। इससे आमजन एवं रेल यात्रियों को स्टेशन पर कोच रेस्टोरेंट की सुविधा मिलेगी।