करीब 33 वर्ष पहले 30 नवंबर 1989 को अधिसूचित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की स्थापना नोएडा की तर्ज पर की गई थी। लेकिन, विकास के मामले में गीडा अर्से तक पिछड़ा रहा। एक समय ऐसा भी आया कि गीडा को कहीं और ले जाने का प्रयास किया जाने लगा था, लेकिन चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रयास के बाद इस पर विराम लग गया।
इसके बाद भी सरकारों की उदासीनता के चलते सिर्फ नाम का औद्योगिक विकास प्राधिकरण बना रहा। साल 1998 में पहली बार सांसद बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ गीडा के विकास और औद्योगिक माहौल बनाने के लिए प्रयासरत रहे हैं।
साल 2017 से बदला माहौल
गीडा में सकारात्मक बदलाव का दौर 2017 से शुरू हुआ, जब योगी मुख्यमंत्री बने। उनके निर्देश पर गीडा का लैंड बैंक बढ़ता गया तो निवेशकों को सुरक्षित माहौल में भूखंड मिलने लगे। आज गीडा में 600 औद्योगिक इकाइयां क्रियाशील हैं। करीब 20,000 लोगों को रोजगार मिला है। करीब 20 शिक्षण संस्थान गीडा क्षेत्र में संचालित किए जा रहे हैं। निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थल बने गीडा में 173 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है।