लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट से बेहतर बनाया जाएगा गोड़धोइया नाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए जो भी करना पड़े उसके लिए सरकार तैयार है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो करीब 942 करोड़ रुपये से गोड़धोइया नाले का सुंदरीकरण कराकर बेहतरीन नाला बनाया जाएगा, जो लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट से बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि गोड़धोइया नाले के आसपास बसे जिन लोगों की जमीन को अधिग्रहित किया जाएगा, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम विजय किरन आनंद, जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गोड़धोइया नाले के सुंदरीकरण से खत्म हो जाएगी जलभराव की समस्या : कमिश्नर
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बन चुके नाले और अर्धनिर्मित कच्चे नालों को बेहतर तरीके से साफ कराया जाएगा, जिससे बरसात के समय मोहल्लों का पानी नालों में आसानी से चला जाए। राप्तीनगर, राम जानकी नगर, नंदा नगर, एम्स सहित अन्य क्षेत्रों में बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। बरसात से पहले इस समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। गोड़धोइया नाले का सुंदरीकरण होने से राप्ती नगर, पादरी बाजार, विष्णु मंदिर, शाहपुर बशारतपुर, राम जानकी नगर, ग्रीन सिटी क्षेत्रों का पानी नाले से होते हुए रामगढ़ ताल में चला जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान हो जाएगा।
जलभराव से निजात के लिए चल रहे चार प्रमुख प्रोजेक्ट
कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बताया कि गोरखपुर में जलभराव से निजात के लिए चार प्रमुख कार्य चल रहे हैं। इनमें 32.82 करोड़ की लागत से ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट, 24.43 करोड़ से गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट, 275 करोड़ रुपये से नगर निगम क्षेत्र की सीमा में कराए जाने वाले विकास कार्य और वित्तीय वर्ष 2021-22 में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 103.57 करोड़ रुपये से कराए जा रहे विकास कार्य शामिल हैं।