लोक कल्याण के लिए राजनीति में आया
योगी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए राजनीति में आया हूं। शुरुआती दिनों में एक बार मेरा राजनीति से मोहभंग हुआ था। बात गुरुदेव तक पहुंची तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि अगर राजनीति का मकसद सत्ता, पद और प्रभुता है तो मैं, तुमसे सहमत हूं, लेकिन मेरी समझ से राजनीति का मतलब लोक कल्याण है। राजनीति की चुनौतियों में ही लोक कल्याण के लिए अवसर मिलता है। मेरी जिज्ञासा फिर भी शांत नहीं हुई। इसपर पूछा कि संन्यास का क्या मतलब है? तब उनका जवाब था सेवा। सेवा का उद्देश्य होता है अपने अहंकार की तिलांजलि। उनके इसी भाव को लेकर बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे, बिना झुके, मौसम से बेपरवाह सांसद के रूप में और मुख्यमंत्री के रूप में अपना जीवन लोक कल्याण के पथ को समर्पित कर दिया। इस समर्पण का बदलाव भी लोगों को दिख रहा होगा।
देश के पहले चुनाव में सुरक्षा प्रमुख मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, विकास, लोक कल्याण और सुशासन की पहली शर्त है। किसी भी राज्य का यह पहला चुनाव है, जिसमें सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है। कानून व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है। इसके रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया गया है। एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रधर्म सर्वोपरि होता है। सम्मान सबकी आस्था का होना चाहिए। विवाद तब होता है, जब कोई अपनी आस्था दूसरों पर थोपता है। ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा गया है।