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गोरखपुर संस्थापक समारोह में बोले सीएम योगी, शताब्दी वर्ष के लिए लक्ष्य तय करें शिक्षण संस्थाएं

Sat, 05 Dec 2020 12:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपना 88वां संस्थापक सप्ताह समारोह मना रही है। 12 वर्ष बाद परिषद अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रही होगी। ऐसे में आने वाले 12 वर्षों के लिए परिषद से जुड़ी संस्थाओं को एक लक्ष्य तय करना होगा।
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उन्होंने कहा कि लक्ष्य पाने में तरह-तरह की चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन उससे हार न मानते हुए प्रगति के पथ पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने परिषद की संस्थाओं से कहा कि वह नई शिक्षा नीति को अंगीकार करने के लिए कमेटियां बनाएं। अलग-अलम टीमें अध्ययन करके नई शिक्षा नीति को लागू कराएं।
 
यह वर्ष कई मायनों में अहम
मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि यह वर्ष हमारे लिए बहुत अहम है। कोरोना की चुनौतियों को हमने अवसर में बदला है। तकनीकी युग में तेजी से प्रवेश किए हैं। हमारी सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा मजबूती से कर रही हैं। सेनाएं जिस मजबूती के साथ भारत का गौरव बढ़ाने का काम कर रही हैं, वह अमूल्य है।
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नई शिक्षा नीति आई है जो बड़ा बदलाव लाएगी। नई शिक्षा नीति को शिक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अयोध्या में जन्मभूमि पर बन रहे राम मंदिर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 500 वर्षों का प्रताप है, जो प्रधानमंत्री मोदी के चलते संभव हुआ है।
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बर्फ में खुद को ढालकर दुश्मनों का सीना छलनी करता है सैनिक

मुख्यमंत्री योगी ने एक दिन पूर्व की रात में जनरल बिपिन रावत से हुई चर्चा का जिक्र किया। योगी ने बताया कि जब उन्होंने जनरल रावत से पूछा कि जिन दुर्गम स्थानों पर ठहरना मुश्किल है, वहां सैनिक कैसे अपना कार्य कर पाते हैं। जनरल साहब का जवाब मिला कि यह कार्य सैनिक के लिए बहुत आसान है। सैनिक दुर्गम स्थानों को अपने कार्य के अनुकूल बनाते हैं। इस प्रयास में ही उनमें दुश्मनों का सीना छलनी करने की क्षमता विकसित होती है।

इस क्रम में जनरल ने उन्हें दिनकर की कविता सुनाई, जिसका मंतव्य था कि जो बाधाओं को चुनौती मानकर उनका डटकर मुकाबला करता है, उसी का जीवन सफल होता है। मुख्यमंत्री ने अपनी इस बात के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि किस तरह से उन्होंने कोरोना की चुनौती में भी नई कार्य पद्धति विकसित की और देशवासियों का जीवन आसान हो गया।
 
इंसेफेलाइटिस पर विजय मिली, कोरोना को भी हराएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी महामारी के खिलाफ एक लड़ाई लड़ी गई है। इसका नतीजा रहा कि 2017 के पहले जहां जुलाई से सितंबर के बीच में हजारों मौत होती थीं, अब इस बीमारी पर 95 फीसदी नियंत्रण है। यह स्वच्छता और जागरूकता से संभव हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मंत्र से ही कोरोना को हराएंगे।
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