फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबर: सीएम योगी ने टेराकोटा शिल्पकारों को दी बड़ी सौगात, कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए मिले 2.83 करोड़

Sat, 31 Jul 2021 07:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

गुलरिहा क्षेत्र के औरंगाबाद में 2.83 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, कॉमन फेसेलिटी सेंटर से गोरखपुर के ओडीओपी की और मजबूत होगी ब्रांडिंग।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर के ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) टेराकोटा के लिए बनने वाले दो कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) में से एक की मंजूरी केंद्र सरकार ने दे दी है। गुलरिहा के औरंगाबाद में 2.83 करोड़ रुपये से इस सीएफसी के बनने से टेराकोटा शिल्पियों को एक ही छत के नीचे गुणवत्ता जांच, ट्रेनिंग समेत सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी। इससे टेराकोटा के बाजार का और विस्तार भी होगा।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने ओडीओपी में गोरखपुर के पहले उत्पाद के रूप में टेराकोटा को शामिल किया। इसके बाद से टेराकोटा शिल्प को नई पहचान मिली। योगी सरकार के प्रयास से टेराकोटा को जीआई टैग भी हासिल हो चुका है। इसके चलते यह शिल्प देश के बौद्धिक संपदा अधिकार में भी शामिल होकर कानूनी पहचान प्राप्त कर चुका है।

सीएफसी में मिलेंगी तमाम सुविधाएं, भंडारण व शोरूम भी
2.83 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीएफसी में टेराकोटा शिल्पियों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी। सीएफसी में मिट्टी की टेस्टिंग, उत्पाद के रंग-रोगन, पैकेजिंग आदि की जानकारी, ट्रेनिंग देने के साथ आधुनिक मशीनों से युक्त लैब बनाई जाएगी। यहां इलेक्ट्रिक, और गैस की भट्ठी, इलेक्ट्रिक व सोलर चाक, मिट्टी गूंथने की मशीन, डाई (सांचा) समेत टेराकोटा उत्पाद तैयार करने के लिए अन्य सभी उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे।
विज्ञापन


उत्पादों के भंडारण के लिए गोदाम भी रहेगा। साथ ही शोरूम भी बनाया जाएगा। यहां ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति टेराकोटा कला की बारीकियां सीख सकेगा। एक सीएफसी पादरी बाजार क्षेत्र में बनना प्रस्तावित है। सीएफसी बनने से करीब पांच सौ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके तहत करीब बीस शिल्पियों का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। सीएफसी के संचालन के लिए स्पेशल परपज व्हेकिल (एसपीवी) बनाई जाएगी। इसके संचालन का दायित्व टेराकोटा शिल्पकार ही संभालेंगे।
विज्ञापन



 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें