विपक्ष के लोगों को लखीमपुर जाने से रोकने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए शांति व्यवस्था महत्वपूर्ण है। विपक्ष के मित्रगण सद्भावना के दूत नहीं थे। संभव है कि कई चेहरे वहां की हिंसा में भी शामिल रहे होंगे। लखीमपुर जाने से रोके जाने के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ से झाड़ूू लगाने की बात पर मुख्यमंत्री ने तंज कसा और कहा कि जनता ने उसी लायक बना दिया है।
ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाने वालों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया और कहा कि ऐसे लोग ब्राह्मणों और हिंदुओं के नहीं, सिर्फ तालिबान के हितैषी हैं। लखीमपुर की दुखद घटना में जान गंवाने वाले दो युवक ब्राह्मण थे, लेकिन विपक्ष के लोग वहां क्यों नहीं गए? राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और सतीश चंद्र मिश्रा के पास क्या इसका जवाब है? कन्नौज में नीरज मिश्रा की निर्मम हत्या कोई भूल सकता है? क्या वह ब्राह्मण नहीं थे? तब ये लोग कहां थे? अब्बाजान वाली टिप्पणी पर कहा कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन इसका मकसद कुछ लोगों के दोहरे आचरण को सामने लाना था। यह असंसदीय शब्द नहीं है और विधान परिषद में सपा के नेता अहमद हसन ने भी ऐसा माना था।
तालिबान का समर्थन करने वाले कर रहे घटना का राजनीतिकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा लखीमपुर की घटना का राजनीतिकरण वही लोग कर रहे हैं, जो काबुल में तालिबान का समर्थन करते हैं। तालिबान को लोकतंत्र का समर्थक बताने वाले ही लखीमपुर की घटना के बहाने हिंदुओं व सिखों को लड़ाने की साजिश रच अपना दोहरा चरित्र दिखा रहे हैं। पर, यूपी की जनता सब कुछ जानती है। विपक्ष के नेताओं पर लखीमपुर के पीड़ितों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोग सरकार की पहल से संतुष्ट हैं और इस पर राजनीति नहीं चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख को भी निशाने पर लिया और कहा कि अखिलेश यादव जब तक सोकर उठते हैं, तब तक कार्रवाई हो चुकी होती है। अखिलेश दोपहर 12 बजे सोकर उठेंगे। दो बजे तैयार होंगे, चार बजे मित्र मंडली के साथ बैठेंगे, छह बजे साइकिलिंग करेंगे। बड़े बाप के बेटे हैं, उन्हें देश-दुनिया से क्या मतलब? वह छुट्टी लेकर आस्ट्रेलिया के किसी द्वीप पर मटरगश्ती करें। खुशी होगी कि यूपी का एक व्यक्ति अब प्रवासी भारतीय हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें छुट्टी लेनी होती तो वह सार्वजनिक जीवन में नहीं आते।
जो रामकृष्ण को नहीं छोड़ते, उनसे कोई उम्मीद नहीं
राहुल गांधी के एक ट्वीट व योगी आदित्यनाथ को संत न मानने की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल को स्वयं पता नहीं होता कि वह क्या बोलने वाले हैं। जिस यूपी ने उनकी तीन पीढ़ियों को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाया, उस यूपी को वह केरल में जाकर गाली देते हैं। इसे यूपी कैसे भूल सकता है? अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की टिप्पणी को कोई कैसे भूल सकता है। जो लोग राम-कृष्ण को नहीं छोड़ते, वे मेरे खिलाफ बोलें तो कौन सी बड़ी बात है।
हमारी वैचारिक विजय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम को अपना बताने की विपक्षी दलों के नेताओं में होड़ है। ये वही लोग हैं, जो कभी प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताते थे। यह हमारी वैचारिक विजय है। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या वहीं रहेगी। हैदराबाद भाग्यनगर जरूर बनेगा।
एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व सपा से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की। कहा कि अमरिंदर सिंह साफगोई से अपनी बात रखने व जनाधार वाले नेता हैं। सपा के लिए शिवपाल सिंह यादव के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है। लखीमपुर जाने की ही बात है तो शिवपाल के साथ करीब पांच हजार लोग थे, जबकि अखिलेश यादव के साथ बमुश्किल तीन सौ। जहां पिता और चाचा का सम्मान नहीं, वहां पार्टी सदस्यों व जनता के साथ कैसा व्यवहार होगा?
यह नया भारत है, अब पलायन नहीं करेंगे कश्मीरी
कश्मीर में हुई घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नब्बे के दशक की बात अब बहुत दूर हो चली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मजबूत नया भारत है। अब कश्मीरी पलायन नहीं करेंगे। जिसने भी देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा से खिलवाड़ किया, उसे गंभीर परिणाम भुगतना होगा। यूपी पर सवाल उठाने वाले ओवैसी यदि कश्मीर में भी सहानुभूति व्यक्त कर देते तो लोग उन्हें नेता मान लेते।
अशरफ नाम है तो अनिल मत बताइए
धर्मांतरण कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के माध्यम से धर्मांतरण की सौदेबाजी नहीं की जा सकती है। गोरक्षपीठ तो 1932 से शिक्षा और सेवा का केंद्र चलाती है, लेकिन वहां तो किसी की जाति या मजहब नहीं पूछा जाता। गुरुद्वारे में किसी भी जाति, मजहब का व्यक्ति लंगर में बैठ सकता है। फिर जाति और मजहब के नाम पर प्रलोभन क्यों? इसी तरह केरल हाईकोर्ट ने तो बहुत पहले ही कह दिया था कि लव जेहाद खतरनाक है। हमने तय किया है कि अशरफ नाम है तो अनिल मत बनाइए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। अन्नदाता के साथ ही पीएम ने धरती माता का भी ख्याल रखते हुए मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड बनवाए, किसानों को फसल सुरक्षा बीमा की सुविधा दी। एमएसपी के जरिए डेढ़ गुना लागत पर खरीद हुई, किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिला। प्रदेश सरकार ने भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख लघु सीमांत किसानों का 36000 करोड़ रुपये कर्ज माफ कर दिया। 1.45 लाख करोड़ रुपये का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया। यूपी के किसान जागरूक हैं। वे किसी के बहकावे में नहीं आने वाले।
सरकार ने काम किया है तो वोट दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने हमारी सरकार का काम देखा है। साढ़े चार साल में एक भी दंगा नहीं हुआ है। सरकार ने काम किया है तो वोट दें। नहीं किया है तो खारिज कर दें, हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।
पंजाब व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी घेरा
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ व पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। साथ ही कहा कि जो लोग अपना राज्य नहीं संभाल पा रहे हैं, वे अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अपने आका की चाकरी करने चले आए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को वहां के किसानों से सहानुभूति जताने की फुर्सत नहीं है। पंजाब के मुख्यमंत्री पार्टी की आंतरिक स्थिति से इतने त्रस्त हैं कि उन्हें ठिकाना नहीं मिल पा रहा है।