सीएमओ ने बताया कि दोनों सीएचसी पर वेक्टर बॉर्न डिजिज, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय एल्डरी हेल्थ कार्यक्रम, इंटीग्रेटेड डिजीज कंट्रोल कार्यक्रम, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, आयोडिन डिफिसिएन्सी कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना और लक्ष्य जैसे कार्यक्रमों को गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा।
महामारी से निपटने के होंगे इंतजाम
सीएमओ ने बताया कि एनक्वास और आईपीएचएस का मूल्यांकन 1500 बिंदुओं की चेकलिस्ट पर होता है। इनपुट और प्रॉसेस के दृष्टीकोण से सीएचसी में और सुधार होगा तो लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। सीएचसी को कोविड जैसी महामारी का सामना करने में सक्षम भी बनाया जाएगा।