दीपू के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली से लौटे दीपू के ही गांव के संदीप से बात की। उन्होंने उसके काम के बारे में पूछा और फिर पूछा - गोरखपुर में काम करना चाहोगे, तो संदीप ने हामी भरते हुए कहा कि बिल्कुल करेंगे। अब बाहर नहीं जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि जो लोग भी दूसरे प्रांतों से लौटे हैं उन सभी को रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
गोरखपुर के पांच श्रमिकों को एनआईसी भवन में बुलाया गया था। इसमें संदीप और राजू से मुख्यमंत्री ने बात की और सुविधाओं के बारे में जानकारी भी ली। बाहर से आए 40 हजार श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपये स्थानांतरित हो चुके हैं। बाकी बचे श्रमिकों के खाते में दो से तीन दिन के अंदर पैसा चला जाएगा।
इन पांच श्रमिकों को बुलाया गया था
- संदीप- जंगल रामगढ़ चवंरी, सदर तहसील
- दीपू - जंगल रामगढ़ चंवरी, सदर तहसील
- संतोष- जंगल चवंरी, सदर तहसील
- अनिल, करजहां, चौरीचौरा तहसील
- उपेंद्र, करजहां, चौरीचौरा