मुख्य अतिथि जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण का शुभारंभ निश्चित ही नए युग का आरंभ है। आजादी के बाद से हम सिर्फ पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण व अनुकरण करने में ही अपनी भारतीय संस्कृति को भूलते जा रहे थे। भगवान श्रीराम भारत के प्रतीक व पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति राममय होकर ही उनके आदर्शों पर चलकर संपूर्ण विश्व के कल्याण की बात करती है। निश्चित ही श्रीराम मंदिर निर्माण से भारतीय संस्कृति में उनके आदर्शों की स्थापना हो सकेगी।