मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सीय व्यवस्था को स्तरीय रूप प्रदान करने का कामकर रही है। ऐसी स्थिति में रोग के उपचार में बचाव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अस्पताल में संक्रमण की संभावना रोग की जटिलता को बढ़ाती हैं। इसलिए सावधानी आवश्यक है। ओटी व जहां सर्जिकल उपकरण रखे जाते हैं, वहां साफ-सफाई आवश्यक है।
मुख्यमंत्री योगी ने उक्त बातें सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आधुनिक सी-आर्म, अल्ट्रावायलेट डिस्इंफेक्शन चेंबर एवं सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन का वर्चुअल उद्घाटन के दौरान कहीं। साथ ही उन्होंने एम्स के एमबीबीएस छात्रों के खेल एवं सांस्कृतिक समारोह की वर्चुअल शुरुआत भी की। खेल एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन पांच सितंबर तक चलेगा। इस दौरान सीएम ने कहा कि यूवी (अल्ट्रावायलेट) रेडिएशन डिस्इंफेक्शन चेंबर की स्थापना से इंफेक्शन को रोकने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक चिकित्सक के लिए स्वस्थ होना सबसे जरूरी है। जब वह स्वस्थ होगा, तभी दूसरों को स्वस्थ कर पाएगा। भारतीय मनीषियों का मानना है कि खेलकूद से शरीर स्वस्थ होता है व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में भारत का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल गया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने अब तक के सर्वाधिक मेडल प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि यह वर्ष देश की आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष भी है। सरकार सभी जनपदों में खिलाड़ियों को सहयोग व सम्मान देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने 100 सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन का इंस्टॉलेशन अभियान की शुरूआत की। यह इंस्टॉलेशन एम्स द्वारा प्रदेश के 28 जिलों में किया जाएगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश की महिलाओं को सैनिटरी पैड प्राप्त करने में आसानी होगी। इसे मैक्स संस्थान, आकांक्षा समिति और नाइन फाउंडेशन ने उपलब्ध कराया है। कार्यक्रम के दौरान निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर, डीएम विजय किरन आनंद मौजूद रहे।