मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में बदतर कानून व्यवस्था के नाते निवेश के नाम से उद्यमी दूर भागते थे, वहां साढ़े चार सालों में सुरक्षा की मुकम्मल गारंटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मिला तो निवेश का अलग ही माहौल बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुए यूपी के इन्वेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और उनमें से 3.68 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर भी उतर चुके हैं।
बेरोजगारी दर सबसे कम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में निवेश से रोजगार की राह आसान हो गई है। बीते करीब साढ़े चार सालों में साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। दो करोड़ से अधिक लोगों को एमएसएमई के जरिए रोजगार मिला। यह हर्ष का विषय है कि आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य में बेरोजगारी की दर सबसे कम है।
नवंबर में आगरा व कानपुर में दौड़ेंगी मेट्रो
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर ही नहीं, पूरे प्रदेश का विकास किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, गंगा एक्सप्रेसवे जैसे तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश के लिए हैं। सभी तहसील मुख्यालयों को टू-लेन व फोरलेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के 54 नाके दूसरे राज्यों से लगते हैं, इसलिए फोकस इंटरस्टेट कनेक्टिविटी पर है। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन की सड़क बनाई जाएगी। जिस यूपी में कभी एक भी मेट्रो रेल नहीं थी वहां दो शहरों में मेट्रो संचालित हो गई है। नवंबर तक आगरा और कानपुर में भी संचालित होने लगेगी। गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और झांसी में भी मेट्रो पर काम हो रहा है।