सीआईएससीई : प्रैक्टिकल कॉपी लोकल केंद्र पर जांची जाएंगी
गोरखपुर। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने सीबीएसई की तर्ज पर ही प्रैक्टिकल की कॉपियों के मूल्यांकन की योजना बनाई है। अब प्रैक्टिकल की कॉपियों को मूल्यांकन के लिए बोर्ड को नहीं भेजा जाएगा। उसका स्थानीय (लोकल) केंद्र पर ही मूल्यांकन किया जाएगा। इससे परीक्षा परिणाम घोषित होने में आसानी होगी।
इस फैसले से स्कूल प्रबंधन से लेकर बोर्ड का समय, प्रैक्टिकल परीक्षाओं में अधिक खर्च होने से बच सकेगा। पुरानी नियमावली के तहत सीआईएससीई की ओर से प्रैक्टिकल की कॉपियों को मूल्यांकन के लिए बोर्ड को प्रेषित किया जाता है। जिसके बाद बोर्ड मूल्यांकन कर नंबर प्रदान करता है। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।
कुछ स्कूल प्रबंधकों की ओर से नियमों में बदलाव की मांग की जा रही थी। उनका तर्क था कि सीबीएसई की ओर से बाहरी परीक्षा आठ से दस दिनों के अंदर मौखिकी, प्रैक्टिकल और प्रैक्टिकल की कॉपियों का मूल्यांकन करने के साथ ही नंबर बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर देते हैं। जिससे कम समय में प्रैक्टिकल की प्रक्रिया का पालन करने में आसानी होती है।
इसी पद्धति के आधार पर अगर सीआईएससीई की ओर से भी पहल की जाए तो कम समय में जल्द परिणाम घोषित करने की राह आसान होगी। वहीं बच्चे प्रैक्टिकल के जल्द खत्म होने से अपना पूरा ध्यान मुख्य परीक्षा की तैयारियों में लगा सकेंगे।
बोर्ड की ओर से आयोजित बैठक में प्रैक्टिकल की कॉपियों का मूल्यांकन स्थानीय स्तर पर कराने के संकेत मिले हैं। इस पहल से प्रैक्टिकल के आयोजन में लगने वाले समय में जहां कटौती होगी वहीं बच्चे मुख्य परीक्षा की तैयारी पर फोकस कर सकेंगे।
अजय शाही, ग्रुप डायरेक्टर, आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स