गोरखपुर में जिन बाल श्रमिकों के माता-पिता नहीं हैं या वे दिव्यांग हैं, ऐसे बाल श्रमिकों को श्रम विभाग की ओर से हर महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे।
उपश्रमायुक्त एके मिश्रा ने बताया कि ऐसे कामकाजी बच्चे, जिनके माता-पिता या पिता की मृत्यु हो चुकी हो अथवा दोनों ही दिव्यांग हों, उन्हें बाल श्रमिक विद्या योजना के अंतर्गत बालक को एक हजार रुपये और बालिका को 1200 रुपये नकद दिए जाएंगे।
बताया कि बाल श्रमिक विद्या योजना के अंतर्गत कामकाजी बच्चों को पात्रता के आधार पर जिले में 76 बच्चों के खाते में पहली किस्त के रूप में आर्थिक सहायता की धनराशि भेज दी गई। इसमें 27 कामकाजी बालक और 49 बालिकाएं शामिल हैं।
बताया कि योजना का उद्देश्य बाल व किशोर श्रमिकों को शिक्षा का मौके देकर उनका विकास करना है। बच्चों की विद्यालय में न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति का सत्यापन विद्यालय के प्रधानाचार्य और क्षेत्रीय श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की जांच के बाद इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही चयनित बच्चों का नियमित रूप से विद्यालय से अनुश्रवण किया जा रहा है।