पिपराइच इलाके के जंगल पकड़ी निवासी लाल बहादुर (19) की मौत पर बृहस्पतिवार को हंगामा हो गया। हत्या का केस न दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए परिजन मेडिकल कॉलेज के सामने धरने पर बैठ गए। दोपहर में 2.40 बजे धरना शुरू होते ही गोरखपुर-महराजगंज हाइवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।
सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में नामजद केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी दी, जिसके बाद 3.20 बजे जाम खत्म कराया जा सका। शाम में परिजनों ने एक बार फिर जाम की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
लाल बहादुर पुत्र राम अवध अपने मित्र शकील के साथ दिवाली की शाम बाइक से फर्टिलाइजर में मेला देखने गया था। रात करीब 10 बजे वह घर लौट रहा था। लाल बहादुर के पिता राम अवध ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि चिलुआताल क्षेत्र के उमरपुर गांव के पास सड़क पर कुछ लोग पटाखे जला रहे थे।
पटाखा जला रहे लोगों को रास्ते से हटने को कहा तो भरत पुत्र अज्ञात, सूरज तथा 8-10 अन्य लोगों ने लाल बहादुर को घेर लिया और रॉड तथा डंडे से बुरी तरह मारा पीटा। यह भी आरोप है कि सोने की माला एवं पॉकेट में रखे 5 हजार रुपये निकाल लिए। मारने पीटने के बाद आरोपी अचेत अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
लाल बहादुर को गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था जहां बुधवार की रात 9:30 बजे उसकी मौत हो गई। बुधवार की रात मेडिकल कॉलेज में लाल बहादुर की मौत के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। बृहस्पतिवार दोपहर में परिजनों के साथ आए ग्रामीण धरने पर बैठ गए।
आरोप लगाया कि घटना के बाद हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी गई थी लेकिन पुलिस ने हादसा बताते हुए केस दर्ज नहीं किया। हाइवे जाम होने की सूचना पर पुलिस पहुंची ने लाल बहादुर के पिता की तहरीर पर भरत, सूरज व अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर धरना खत्म कराया।
गाड़ी नंबर के आधार पर लाल बहादुर पर दर्ज हुआ था केस
चिलुआताल इलाके में जहां लाल बहादुर अचेत मिला था वहीं मुन्ना नाम का एक अन्य युवक भी घायल हुआ था, जिसका एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। मुन्ना के पिता की तहरीर पर पुलिस ने लाल बहादुर की बाइक के नंबर के आधार लापरवाही से गाड़ी चलाने और चोट पहुंचाने की धारा में केस दर्ज किया था।
दोस्त ने बताया था हादसे के बाद मारपीट का आरोप
लाल बहादुर के साथ घायल हुए शकील का भी इलाज चल रहा है। घटना के बाद शकील ने पुलिस को बताया था कि उमरपुर गांव के पास बाइक की टक्कर से मुन्ना नाम का युवक घायल हो गया था। इसके बाद भीड़ ने शकील और लाल बहादुर की पिटाई कर दी थी। लाल बहादुर के परिजनों ने हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए तहरीर दी लेकिन पुलिस ने घटना को हादसा बताया और केस दर्ज नहीं किया था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ देर के लिए लोग सड़क पर आ गए थे, उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया।